शाहपुर (कांगड़ा):हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी में बादल फटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। मलबे और तेज बहाव ने कई घरों, पशुशालाओं, खेतों और मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। लेकिन इस आपदा के बीच गड़गून गांव की राणो देवी की सूझबूझ और सतर्कता कई परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई।राणो देवी ने नाले का पानी अचानक मटमैला होते देखा। चार साल पहले हुई बादल फटने की घटना को याद करते हुए उन्होंने तुरंत संभावित खतरे को भांप लिया और बिना समय गंवाए पूरे गांव में दौड़कर लोगों को सतर्क किया। उनकी चेतावनी के बाद करीब 12 परिवार समय रहते अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए।कुछ ही मिनटों बाद मलबे और पानी का तेज सैलाब गांव में घुस आया, जिससे कई मकान, पशुशालाएं और खेत तबाह हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 18 मकान और एक स्कूल भवन क्षतिग्रस्त या बह गए हैं। कई परिवारों का घरेलू सामान और मवेशी भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए।ग्रामीणों का कहना है कि यदि राणो देवी ने समय रहते लोगों को आगाह नहीं किया होता, तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था और बड़ी जनहानि हो सकती थी।फिलहाल प्रभावित परिवार राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है और प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
