धर्मशाला/शाहपुर, 07 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने और राज्य के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु द्वारा लिए जा रहे निर्णयों के समर्थन में शुक्रवार को लंज में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में धन्यवाद रैली निकाली गई। यह रैली लंज से रेस्ट हाउस तक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सरकार की नीतियों का समर्थन किया।इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु को हिमाचली हितों की रक्षा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मजबूत फैसलों और प्रभावी नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा पाया है। यही कारण है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष बौखलाया हुआ है।उन्होंने कहा कि किशाऊ जलविद्युत परियोजना में हिमाचल सरकार की मजबूत कानूनी पैरवी के चलते दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा जैसे लाभार्थी राज्यों ने पानी के घटक की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत वहन करने पर सहमति जताई है। इससे हिमाचल प्रदेश को अपने हिस्से के रूप में प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये मूल्य की मुफ्त बिजली प्राप्त होगी।पठानिया ने बताया कि सरकार ने बड़ी निजी कंपनियों से 18 प्रतिशत फ्री पावर शेयर सुनिश्चित कर राज्य के राजस्व में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है। वहीं ग्रीन पंचायत योजना के तहत 100 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे प्राप्त होने वाले राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे राज्य सरकार को मिलेगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नीति आयोग और केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से यह पक्ष रखा है कि हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90 हजार करोड़ रुपये मूल्य की पर्यावरणीय सेवाएं प्रदान करता है। इसके बदले राज्य को उचित आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए ताकि संसाधनों की कमी को दूर किया जा सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की जनता चट्टान की तरह सरकार के साथ खड़ी है।
