सुजानपुर, 13 अगस्त 2026। सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष अभिषेक राणा ने सुजानपुर में 6 सितंबर को प्रस्तावित निशुल्क मेडिकल कैंप की अनुमति नहीं दिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण जनकल्याणकारी चिकित्सा शिविर को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ट्रस्ट या उनका कोई व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उन गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा, जिन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से निशुल्क उपचार मिलने की उम्मीद थी।अभिषेक राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं, जो आर्थिक तंगी, समय और दूरदराज के क्षेत्रों से आने-जाने की कठिनाइयों के कारण पीजीआई जैसे बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते। ऐसे मरीजों के लिए सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट के निशुल्क मेडिकल कैंप बड़ी उम्मीद बनकर सामने आते हैं। इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, आवश्यक जांच और दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन के लिए भी ट्रस्ट की ओर से सहायता प्रदान की जाती है।उन्होंने कहा कि ट्रस्ट पिछले करीब 25 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के मानव सेवा में जुटा हुआ है और लाखों जरूरतमंद लोग इन चिकित्सा शिविरों का लाभ उठा चुके हैं। संस्था ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश से बाहर और दुर्गम क्षेत्रों में भी मेडिकल कैंप आयोजित किए हैं।अभिषेक राणा ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य का हवाला देते हुए कैंप की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, ट्रस्ट के अनुसार जिस स्थान पर मेडिकल कैंप प्रस्तावित था, वहां ऐसा कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है, जिससे शिविर आयोजित करना संभव न हो। उन्होंने कहा कि कैंप के दौरान अस्पताल की जिन भी सुविधाओं का उपयोग किया जाना था, उनका खर्च भी ट्रस्ट स्वयं वहन करने के लिए तैयार था।उन्होंने कहा, “मुझे इस बात का दुख अपने लिए नहीं है। न मेरा कोई व्यक्तिगत नुकसान है और न ट्रस्ट का कोई आर्थिक नुकसान होने वाला है। दर्द इस बात का है कि जिस गरीब मरीज की आंखों में यह उम्मीद थी कि उसे अपने घर के पास ही बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुफ्त इलाज मिल जाएगा, आज उस उम्मीद पर चोट पहुंची है।”अभिषेक राणा ने कहा कि सरकारें जनता द्वारा बनाई जाती हैं और उनका पहला दायित्व जनता के हितों को सुनिश्चित करना है। यदि किसी राजनीतिक द्वेष या दबाव के कारण जनकल्याणकारी कार्य प्रभावित होते हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन गरीब की बीमारी और उसका इलाज राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट ने कभी किसी राजनीतिक लाभ के लिए मेडिकल कैंप आयोजित नहीं किए। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को ट्रस्ट की जनसेवा से आपत्ति है, तो उसका जवाब राजनीति से नहीं बल्कि मरीजों की सेवा, आंकड़ों और उनके अनुभवों के माध्यम से दिया जाना चाहिए।अभिषेक राणा ने कहा, “अगर किसी को लगता है कि गरीबों का मुफ्त इलाज करवाने वाला एक मेडिकल कैंप किसी के लिए खतरा है, तो यह खतरा हमारे लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो राजनीति के कारण मानव सेवा को रोक रहे हैं। हम अपनी तरफ से हमेशा सेवा करते रहेंगे, लेकिन आज जिन मरीजों का इलाज होना था, उनके प्रति हमारी सबसे बड़ी चिंता है।”उन्होंने कहा कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट भविष्य में भी जनकल्याण के कार्य जारी रखेगा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निशुल्क सेवाओं से वंचित न रहें।

