जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आयोजित किया विधिक जागरुकता शिविर
दियोटसिद्ध, 13 अगस्त। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर द्वारा दियोटसिद्ध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस चौकी दियोटसिद्ध के सहयोग से आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। शिविर में दियोटसिद्ध, चकमोह और शाहतलाई क्षेत्र के बड़ी संख्या में टैक्सी ऑपरेटरों, ड्राइवरों तथा अन्य स्थानीय लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि आम लोगों को न्याय सुलभ करवाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें मुफ्त कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। उन्होंने लोगों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी तथा तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले सभी वर्गों के लोग मुफ्त कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी बेहद सरल है। पात्र व्यक्ति किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट ऑफिस में जाकर मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।कुलदीप शर्मा ने बताया कि मानव तस्करी के शिकार लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों तथा विभिन्न प्रकार के अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए भी नालसा द्वारा अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही हैं।उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोग इन योजनाओं और कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए नालसा की हेल्पलाइन 15100 पर भी संपर्क कर सकते हैं। मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्राधिकरण की ओर से पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स की सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।शिविर के दौरान कुलदीप शर्मा ने टैक्सी ऑपरेटरों और वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली जाती है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल होकर जीवनभर के लिए अपाहिज हो जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कारण पीड़ित परिवारों को भी लंबे समय तक अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करना चाहिए। वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का ध्यान रखने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।कुलदीप शर्मा ने उपस्थित लोगों को नशे की समस्या के प्रति भी जागरुक किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग देने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान पुलिस चौकी दियोटसिद्ध के प्रभारी ने भी उपस्थित लोगों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा संबंधी जानकारियां प्रदान कीं। शिविर के माध्यम से टैक्सी ऑपरेटरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध कानूनी सहायता तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरुक किया गया।
