पहचान स्पेशल स्कूल में हुआ कार्यक्रम, फाउंडर एवं प्रिंसिपल चेतना शर्मा ने कहा—बच्चों की भावनाओं को समझना हमारी जिम्मेदारी

हमीरपुर, 25 अगस्त। विशेष बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और सर्वांगीण विकास को लेकर मंगलवार को पहचान स्पेशल स्कूल परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्पेशल ओलंपिक भारत हिमाचल प्रदेश के स्टेट फैमिली फोरम के सहयोग से किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जरूरतों को समझना तथा उनके परिवारों को बच्चों के बेहतर विकास के लिए आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्रदान करना रहा। इस दौरान बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से उन्हें खुशी, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि योग एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति जार शर्मा, विशिष्ट अतिथि विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा और डॉ. रजीत शर्मा उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने विशेष बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक विकास और उनकी जरूरतों को समझने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों को मार्गदर्शन दिया।मुख्य अतिथि श्रीमती स्वाति जार शर्मा ने कहा कि विशेष बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। बच्चों को केवल शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी भावनाओं, आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का सकारात्मक सहयोग बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को विशेष बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए उपयोगी बताते हुए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर पहचान स्पेशल स्कूल की फाउंडर एवं प्रिंसिपल चेतना शर्मा ने कहा कि विशेष बच्चों की मुस्कान और खुशी सबसे महत्वपूर्ण है। उनके हर कदम और हर भावना को समझना परिवार, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विशेष बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी जागरूक करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के दौरान बच्चों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। विशेषज्ञों ने बच्चों के व्यवहार, भावनात्मक जरूरतों और उनके मानसिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद, सहयोग और सकारात्मक व्यवहार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।आयोजन के माध्यम से विशेष बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और समावेशी सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विशेष बच्चों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास के लिए परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।

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