बदलती जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच ऑर्गेनिक फूड (जैविक भोजन) स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। आईएचएम कॉलेज हमीरपुर के सैफ परनीश पठानिया ने कहा कि आज के समय में लोगों को अपने खानपान के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रमाणित जैविक खाद्य पदार्थों को अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से तैयार खाद्य पदार्थों की तुलना में जैविक उत्पाद अधिक सुरक्षित, पौष्टिक और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। जैविक खेती में प्राकृतिक खाद, जैविक कीट नियंत्रण तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जल व पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है।सैफ परनीश पठानिया ने बताया कि ऑर्गेनिक फल, सब्जियाँ, अनाज और दालें आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जैविक खाद्य पदार्थों का सेवन स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने लोगों से स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित प्रमाणित जैविक उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक, स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ कृषि ही विकसित एवं समृद्ध भारत की मजबूत नींव हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रमाणित जैविक उत्पादों को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
