आपकी आवाज न्यूज़ हमीरपुर । हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। राज्य में इन दिनों लगातार भूस्खलन, सड़कें बंद होने और जन-धन के नुकसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई क्षेत्रों में भारी वर्षा और भूस्खलन की आशंका जताई है।इन्हीं परिस्थितियों को लेकर निःस्वार्थ भाव सेवा संगठन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मोहन सिंह डोगरा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ लगातार हो रही छेड़छाड़, अंधाधुंध कटान और पर्यावरण की अनदेखी का परिणाम आज प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आ रहा है।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।मोहन सिंह डोगरा ने बताया कि निःस्वार्थ भाव सेवा संगठन पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से हर वर्ष व्यापक पौधारोपण अभियान चला रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी संगठन ने 5,000 पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाना भी है। इसके लिए समाज के युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं हरित हिमाचल बनाने में अपना योगदान दें।
