
हमीरपुर, 3 अगस्त। जिला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से गठित जिला टीबी फोरम की समीक्षा बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और आशा वर्कर्स को टीबी मरीजों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स अपनी उपस्थिति में ही मरीजों को दवा खिलाएं, जबकि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखकर उनका मार्गदर्शन करें, ताकि कोई भी मरीज बीच में उपचार न छोड़े।बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने बताया कि जिला हमीरपुर में टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान के लिए चार नई हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से फील्ड स्तर पर टीबी जांच अभियान को और गति मिलेगी तथा समय पर मरीजों का उपचार शुरू किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह मुफ्त है और यदि मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवाइयां लेते हैं तो वे पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। लेकिन जागरूकता की कमी और लापरवाही के कारण कई मरीज बीच में ही दवा छोड़ देते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है।एडीसी ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में 523 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है और सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। इस दौरान 7 मरीजों की मृत्यु हुई है, हालांकि इनमें अधिकांश अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य टीबी से होने वाली मौतों के आंकड़े को शून्य तक लाना है, जिसके लिए मरीजों की नियमित निगरानी और जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।बैठक में टीबी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री, जिला टीबी नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसल्टेंट डॉ. निकेत सहित अन्य चिकित्सकों ने टीबी मुक्त अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।बैठक के दूसरे चरण में एडीसी ने बरसात के मौसम में जलजनित रोगों तथा मक्खी, मच्छर, पिस्सू, बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी पेयजल स्रोतों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने, लोगों को जागरूक करने तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी क्षेत्र में संक्रामक रोग फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करे।
