आपकी आवाज न्यूज़ हमीरपुर हमीरपुर, 25 जुलाई।बरसात का मौसम जहां प्रकृति में हरियाली और ताजगी लेकर आता है, वहीं इस दौरान संक्रमण और खाद्य जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम के अनुरूप संतुलित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन का सेवन करना बेहद जरूरी है। यह बात इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) कॉलेज हमीरपुर के शेफ परनीश पठानिया ने मानसून के दौरान स्वस्थ खानपान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कही।शेफ परनीश पठानिया ने कहा कि बरसात के मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और घर का बना भोजन ही प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मूंग दाल की खिचड़ी, दाल, सूप, मौसमी सब्जियां तथा हल्के मसालों से तैयार भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इसके अलावा अदरक, हल्दी, तुलसी, दालचीनी और काली मिर्च जैसे प्राकृतिक मसाले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसून के दौरान खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी भोजन, अधपका मांस, पहले से कटे हुए फल एवं सब्जियां तथा अत्यधिक तला-भुना भोजन खाने से बचें। उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करते समय रसोई की स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य भंडारण और साफ पानी का उपयोग प्रत्येक परिवार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।शेफ परनीश पठानिया ने कहा कि स्वस्थ जीवन की शुरुआत हमारी थाली से होती है। यदि हम मौसम के अनुसार संतुलित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन का चयन करें, तो न केवल स्वयं बल्कि अपने परिवार को भी अनेक मौसमी बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से मानसून के दौरान खानपान में विशेष सावधानी बरतने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया
