शिमला, 27 अगस्त 2026। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव हीरालाल वर्मा और उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंदर सिंह डोगरा सहित अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में आज विधानसभा में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) की देनदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।महासंघ ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि कर्मचारियों का करीब 16 प्रतिशत DA लंबित है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग आर्थिक दबाव और असंतोष महसूस कर रहा है। महासंघ ने मांग की कि विधानसभा के वर्तमान सत्र में कम से कम 5 प्रतिशत DA की एक किस्त जारी करने की घोषणा की जाए, ताकि कर्मचारियों को ठोस आर्थिक राहत मिल सके।महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि DA की एक किस्त जारी करने की घोषणा से कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश जाएगा और सरकार तथा कर्मचारी वर्ग के बीच विश्वास और मजबूत होगा।प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी महासंघ सरकार के साथ टकराव नहीं चाहता, बल्कि कर्मचारियों के जायज अधिकारों और लंबित वित्तीय देनदारियों के समाधान की अपेक्षा रखता है। हालांकि, यदि कर्मचारियों की मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी संगठनों को अपनी आगामी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।महासंघ ने कहा कि कर्मचारी वर्षों से प्रदेश के प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी लंबित वित्तीय देनदारियों का सम्मानजनक एवं चरणबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए।पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर शीघ्र ही अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ व्यापक बैठक आयोजित कर आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में कर्मचारियों की लंबित देनदारियों के भुगतान तथा उनके हितों की प्रभावी पैरवी के लिए संयुक्त रूप से आगे की दिशा तय की जाएगी।संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा, लेकिन यह संघर्ष लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं और परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय करेगी।
