एनकॉर्ड बैठक में नशा मुक्त कांगड़ा अभियान की समीक्षा, स्कूलों, कॉलेजों, जेलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जागरूकता व निगरानी बढ़ाने के निर्देश
धर्मशाला, 31 जुलाई।
जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त हिमाचल अभियान’ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकॉर्ड) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि जिले में सरकारी भूमि पर नशा तस्करों द्वारा किए गए 26 अवैध कब्जों की पहचान की गई है और संबंधित निर्माणों को जल्द ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एसडीएम को स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से जनजागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को टांडा मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) का विस्तार करने तथा नशा मुक्ति उपचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने को कहा। साथ ही जेलों में बंद नशे से जुड़े आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों और नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर नशा मुक्त हिमाचल अभियान के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में वित्तीय जांच और पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा नशे से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने और संवाद (SAMVAAD) कार्यक्रम के तहत नियमित गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी भी नशे की तस्करी या उससे जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पंचायतों में नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता होर्डिंग्स लगाने तथा निजी नशा मुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण और मासिक मूल्यांकन पर भी जोर दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

