1,012 मछुआरा परिवारों को ₹35.42 लाख की वित्तीय सहायता जारी, मुख्यमंत्री सुक्खू ने की कई बड़ी घोषणाएं
आपकी आवाज़ न्यूज़ | कांगड़ा | 29 अगस्त 2026मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को कांगड़ा जिले के जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के डाडासीबा में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने डाडासीबा में नया उप-मंडलाधिकारी (SDM) कार्यालय खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे संबंधित अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कस्बा कोटला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक प्रावधान करने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री डाडासीबा में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्मान निधि योजना के तहत 1,012 मछुआरा परिवारों को वित्तीय सहायता जारी करने के बाद एक विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। योजना के तहत प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ₹3,500 की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस तरह कुल ₹35.42 लाख की वित्तीय सहायता जारी हुई।मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पकड़ने पर लगाए जाने वाले वार्षिक प्रतिबंध की अवधि के दौरान राज्य सरकार प्रत्येक मछुआरा परिवार को ₹3,500 की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मछुआरा समुदाय की समस्याओं और कठिनाइयों को समझने के बाद उनकी आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी उपलब्ध करवाया है।RDG बंद होने से हिमाचल को 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसानमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद नहीं किया गया होता तो हिमाचल प्रदेश वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बन सकता था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से प्रदेश को RDG मिल रहा था, लेकिन इसे बंद किए जाने के कारण राज्य को हर वर्ष करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद राज्य सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।2 अक्टूबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस वर्ष 2 अक्तूबर को सोलन जिले से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि करीब 90,000 ऐसे परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें अभी तक किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। योजना के तहत करीब दो लाख परिवारों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य है। पात्र परिवारों की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन के साथ 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाएगा।आपदा प्रभावित परिवारों के लिए मकान निर्माण सहायता ₹8 लाखवर्ष 2023 की विनाशकारी आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान करीब 23,000 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और 900 से अधिक लोगों की जान गई। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को नया घर बनाने के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹7 लाख किया और अब इसे बढ़ाकर ₹8 लाख कर दिया है।उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद करने और जनता के कल्याण के लिए नीतियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बद्दी में जमीन आवंटन को लेकर भाजपा पर निशानामुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में करीब 5,000 बीघा जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को कस्टमाइज्ड पैकेज के अंतर्गत बिना पंजीकरण के आवंटित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन जमीन आवंटनों को रद्द करने पर विचार कर रही है। जिन आवंटित जमीनों पर अभी कोई काम शुरू नहीं हुआ है, उनका आवंटन रद्द किया जा सकता है।हिमकेयर और कांगड़ा एयरपोर्ट को लेकर जांच के आरोपमुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार के दौरान लागू हिमकेयर योजना का उल्लेख करते हुए कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुरुषों के अंडाशय के ऑपरेशन के बिल तैयार किए गए, जो बड़े घोटाले की ओर संकेत करते हैं।उन्होंने कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के दौरान कथित बेनामी लेन-देन का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित जमीन को जब्त कर गरीबों में वितरित किया जाएगा।शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का दावामुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए जा रहे हैं। प्रदेश में 156 से अधिक CBSE स्कूल खोले गए हैं और स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 नए पद भरे गए हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था। वर्तमान सरकार ने 31 दिसंबर 2026 तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 90 प्रतिशत चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती का लक्ष्य रखा है।कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यासइससे पहले मुख्यमंत्री ने जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के बाड़ी में ₹95 लाख की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया।उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डाडासीबा के विज्ञान खंड के निर्माण के लिए ₹1.80 करोड़ की परियोजना की आधारशिला रखी। इसके अलावा जसवां-प्रागपुर क्षेत्र में ₹4.85 करोड़ के विभिन्न सड़क कार्यों तथा अलोह में ₹37 लाख की लागत से स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी।स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकताराज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश के कई हिस्सों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा कि निचले क्षेत्रों में तुलनात्मक रूप से कम प्रति व्यक्ति आय को देखते हुए सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की पहल की है। स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सरकार प्राथमिकता दे रही है।विधायक संजय रतन ने कहा कि राज्य सरकार विकास के नए मानदंड स्थापित कर रही है और पहली बार मछली पालकों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि मछली पालक समुदाय के लिए मुख्यमंत्री की पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए कानून बनाया तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए MSP की शुरुआत की है। राज्य सरकार ने हल्दी के लिए ₹150 प्रति किलोग्राम का MSP घोषित किया है।कार्यक्रम में विधायक कमलेश ठाकुर, पूर्व विधायक योगराज, महाधिवक्ता अनूप रतन, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

