सरकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और जेम पोर्टल की दी गई विस्तृत जानकारी, 50 से अधिक उद्यमियों ने लिया भाग

जिला उद्योग केंद्र, मंडी द्वारा स्मार्ट एमएसएमई (एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता कार्यक्रम) के अंतर्गत गुरुवार को सुंदरनगर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के लगभग 50 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) ने भाग लिया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, डिजिटल सेवाओं तथा आधुनिक विपणन के अवसरों से जोड़ना था। इस दौरान उद्योग विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया और डिजिटल मार्केटिंग की विस्तृत जानकारी दी।विशेषज्ञों ने स्मार्ट एमएसएमई तथा एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता (रैम्प) कार्यक्रम के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता, क्षमता विकास, तकनीकी सहयोग और व्यवसाय विस्तार से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर एमएसएमई इकाइयां अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नए बाजारों तक पहुंच बना सकती हैं।कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों, औद्योगिक इकाई संचालकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने की आवश्यकता जताई।इस अवसर पर एलडीएम बैंक से चंद्र प्रकाश, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) से लोकेश भाटिया, राजस्थान से आए रैम्प टीम के संसाधन व्यक्ति ओमकार डोरखंडे, स्मार्ट एमएसएमई के कोविद शर्मा, जेम पोर्टल के अविनाश शर्मा तथा जिला उद्योग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

