मणिमहेश यात्रा से पहले बड़ी पहल, संवेदनशील स्थल का तकनीकी आकलन; सेना की विशेषज्ञता से सुरक्षित होगा राष्ट्रीय राजमार्ग

चंबा–भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-154ए) के अत्यंत संवेदनशील और जोखिम भरे हिस्से को सुरक्षित बनाने की दिशा में भारतीय सेना ने अहम भूमिका निभानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को भारतीय सेना और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित बेली ब्रिज निर्माण स्थल का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया। सेना की विशेषज्ञ टीम ने स्थल की भौगोलिक परिस्थितियों, निर्माण की व्यवहार्यता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं का बारीकी से आकलन किया।प्रस्तावित बेली ब्रिज उस स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बरसात के दौरान भूस्खलन और सड़क क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। सेना की तकनीकी विशेषज्ञता और NHAI के समन्वय से इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।बेली ब्रिज बनने के बाद चंबा–भरमौर मार्ग पर आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। इससे स्थानीय लोगों, दैनिक यात्रियों और श्री मणिमहेश यात्रा–2026 में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।उपमंडल प्रशासन भरमौर ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए भारतीय सेना, NHAI और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से निर्माण कार्य के दौरान सहयोग करने और यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
