विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच जारी रखी शिक्षा और शोध की यात्रा, अब हिमाचल की लोक संस्कृति और नाथ-सिद्ध परंपरा पर करेंगी शोध
सुजानपुर/हमीरपुर, 24 सितंबर। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भाटी, पंचायत रंगड़ की निवासी डॉ. फूला देवी ने अपनी उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि से अपने परिवार के साथ-साथ सुजानपुर क्षेत्र और जिला हमीरपुर का गौरव बढ़ाया है। स्वर्गीय श्री ओंकार चंद्र शर्मा की बहू एवं श्री राजेश शर्मा की पत्नी डॉ. फूला देवी का प्रतिष्ठित ICSSR पोस्ट-डॉक्टरेट फेलोशिप के लिए चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।यह फेलोशिप भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा प्रदान की जाती है। ICSSR देश में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाली प्रमुख राष्ट्रीय शोध संस्थाओं में से एक है। इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए चयन डॉ. फूला देवी की अकादमिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कुल्लू से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तक का शैक्षणिक सफर
डॉ. फूला देवी ने अपनी प्रारंभिक एवं कॉलेज स्तर की शिक्षा कुल्लू के सरकारी शिक्षण संस्थानों से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में मास्टर डिग्री, एम.फिल. और पीएच.डी. की उपाधियां हासिल कीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने बी.एड. तथा राजनीति विज्ञान में एम.ए. भी किया है।उन्होंने दो बार UGC-NET, HP-SET, TET, TGT Arts एवं Language जैसी विभिन्न पात्रता एवं प्रतियोगी परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की हैं। उनकी यह शैक्षणिक उपलब्धियां वर्षों की मेहनत, निरंतर अध्ययन और शोध के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं।
विवाह के बाद भी नहीं छोड़ी शिक्षा और शोध की राह
पारिवारिक जिम्मेदारियों, समय की चुनौतियों और जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अध्ययन को अपने जीवन से अलग नहीं होने दिया। निरंतर मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने अपनी पीएच.डी. पूरी की और अब पोस्ट-डॉक्टरेट फेलोशिप के माध्यम से शोध के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि सपनों को पूरा करने के लिए परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी नहीं, बल्कि संकल्प का मजबूत होना जरूरी है। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा और शोध को जारी रखना निरंतर मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की मांग करता है।
हिमाचल की लोक संस्कृति और नाथ-सिद्ध परंपरा पर करेंगी शोधपोस्ट-डॉक्टरेट फेलोशिप के अंतर्गत डॉ. फूला देवी का शोध विषय है:“हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति और लोक विश्वासों के आलोक में नाथ-सिद्ध परंपरा का सामाजिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन।
उनका शोध हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति, लोक विश्वासों, परंपराओं तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत के अध्ययन पर केंद्रित होगा।इस शोध के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और नाथ-सिद्ध परंपरा से जुड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। उनका यह शोध हिमाचल की समृद्ध लोक विरासत के अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
माता-पिता के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग को दिया श्रेय
डॉ. फूला देवी के पोस्ट-डॉक्टरेट फेलोशिप के लिए चयन पर क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है तथा उनके आगामी शोध के लिए शुभकामनाएं दी हैं।क्षेत्रवासियों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों और विशेषकर बेटियों को शिक्षा, शोध और अपने सपनों के प्रति निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देगी।डॉ. फूला देवी की कहानी केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि की कहानी नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी सीखने की इच्छा को जीवित रखते हुए उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है और सुजानपुर सहित जिला हमीरपुर का नाम गौरवान्वित किया है।
