मैहला पंचायत में इंटरलॉकिंग टाइलों के कार्यों में गड़बड़ी के आरोप, पहले जेई और पंचायत सचिव पर भी हो चुकी है कार्रवाई
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की मैहला पंचायत में मनरेगा के तहत करवाए गए विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाने के कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद पंचायत में तैनात ग्राम रोजगार सेवक (GRS) रीना कुमारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।पंचायत समिति मैहला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की ओर से 24 सितंबर को सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी मामले में इससे पहले आउटसोर्स पर तैनात कनिष्ठ अभियंता (जेई) और पंचायत सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
शिकायत के बाद खुला मामला
यह मामला कुठवाड़ी गांव के निवासी रमेश कुमार की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में पंचायत के अंतर्गत इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाने के कार्यों और उनके भुगतान में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए थे।शिकायत के आधार पर विभागीय जांच शुरू की गई। जांच के दायरे में मुख्य रूप से तीन निर्माण कार्य आए:जलपा से पंचायत घर तक इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाने का कार्य।जलपा हार्डवेयर से भारतीय स्टेट बैंक (SBI), मैहला तक का कार्य।SBI मैहला से डाकघर मैहला तक टाइलें बिछाने का कार्य।जांच के दौरान सरकारी रिकॉर्ड और मौके पर किए गए कार्यों का मिलान किया गया। इसमें अभिलेखों में कथित हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आने की बात कही गई है।
नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई
बीडीओ बशीर खान के अनुसार, संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद सेवा समाप्ति का कदम उठाया गया।आदेशों के तहत रीना कुमारी को अपने पास मौजूद सरकारी रजिस्टर, फाइलें, दस्तावेज, अभिलेख और लैपटॉप या कंप्यूटर से संबंधित सरकारी सामग्री अधिकृत अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जांच रहेगी जारी
प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद मामला यहीं समाप्त नहीं होगा। विभागीय जांच जारी रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई और सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील करने का अधिकार भी दिया गया है।मैहला पंचायत में एक के बाद एक तीन कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। अब जांच के अगले चरण में यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में कितनी राशि शामिल थी और इसके लिए किन-किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।
